School Holiday Extended: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कंपाने वाली ठंड और घने कोहरे के कहर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. शिक्षा निदेशालय (DoE) ने घोषणा की है कि दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे. यह आदेश मुख्य रूप से नर्सरी से कक्षा 8 तक के छोटे बच्चों के लिए लागू किया गया है**, ताकि उन्हें *भीषण शीत लहर के प्रकोप से बचाया जा सके.
बढ़ती ठंड और कोहरे ने स्कूलों के संचालन को किया प्रभावित
दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो जाती है, जिससे बच्चों के स्कूल पहुंचने में दिक्कत होती है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है. मौसम विभाग (IMD) ने भी राजधानी में कोल्ड वेव (शीतलहर) अलर्ट जारी किया है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है. इन सभी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, शिक्षा विभाग ने स्कूलों की शीतकालीन छुट्टियों को बढ़ाने का आदेश जारी किया है, ताकि छोटे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
निजी स्कूलों की उदासीनता पर अभिभावकों की नाराजगी
हालांकि दिल्ली सरकार की ओर से स्पष्ट आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन कई प्राइवेट स्कूलों द्वारा स्कूल खोलने की योजनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर कई अभिभावकों ने शिकायतें दर्ज कराई हैं कि कुछ स्कूल प्रशासन सरकारी आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं. अभिभावकों का आरोप है कि कुछ निजी स्कूल इस जानलेवा ठंड में भी बच्चों को स्कूल बुलाने की तैयारी में हैं. उनका कहना है कि यह बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ है, खासकर जब कोहरा और ठंड दोनों चरम पर हैं.
सरकार से अभिभावकों की अपील: सख्त कार्रवाई की मांग
अभिभावकों ने सरकार से मांग की है कि वह निजी स्कूलों पर सख्त निगरानी रखे और सुनिश्चित करे कि सभी स्कूल सरकारी आदेशों का पालन करें. उनका कहना है कि एकसमान नियम ही बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं. चिकित्सकों की राय के अनुसार, इस ठंड में बच्चों को स्कूल भेजना सांस की बीमारी, निमोनिया, सर्दी और खांसी जैसी समस्याओं को जन्म दे सकता है. छोटे बच्चों की इम्युनिटी कम होने के कारण उन्हें ठंड से गंभीर खतरा हो सकता है.
9वीं से 12वीं के छात्रों के लिए क्या है व्यवस्था?
जहां नर्सरी से कक्षा 8 तक के छात्रों के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं, वहीं कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए कुछ राहत दी गई है. चूंकि इस आयु वर्ग के छात्र बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में लगे हुए हैं, इसलिए कुछ स्कूलों ने ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प अपनाया है. यदि स्कूलों में बड़ी कक्षाओं के लिए शैक्षणिक गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं, तो उनकी टाइमिंग में बदलाव किया गया है ताकि छात्र सुबह की कड़ाके की ठंड और कोहरे से बच सकें.
अन्य राज्यों में भी घोषित हुई हैं छुट्टियां
दिल्ली ही नहीं, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश (नोएडा और गाजियाबाद सहित) जैसे राज्यों में भी ठंड और कोहरे के चलते स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाई गई हैं. इन राज्यों में भी नर्सरी से आठवीं तक के छात्रों को स्कूल आने से रोका गया है. इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों को मौसमी बीमारियों और जोखिम से बचाना है.
क्या 16 जनवरी से स्कूल खुलेंगे?
दिल्ली सरकार की घोषणा के अनुसार, अब स्कूल 16 जनवरी 2026 से नियमित रूप से खुलने की संभावना है, लेकिन यह पूरी तरह मौसम की स्थिति पर निर्भर करेगा. यदि आने वाले दिनों में भी कोहरे और तापमान में सुधार नहीं होता है, तो छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला भी किया जा सकता है. शिक्षा निदेशालय के अनुसार, सभी स्कूलों को अगले आदेश तक दिशा-निर्देशों का पालन करना आवश्यक है और छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा






