School Holiday Update: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के छात्रों के लिए एक बार फिर राहत की खबर है. भीषण ठंड और स्नान पर्वों के चलते स्कूलों को कुछ और दिनों के लिए बंद कर दिया गया है. प्रयागराज प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर आदेश जारी करते हुए 16 जनवरी से 20 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया है. यह निर्णय कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों पर लागू होगा.
भीषण ठंड के साथ स्नान पर्व की तैयारियों ने बढ़ाया संकट
प्रयागराज में इस समय मौसम काफी सर्द है और साथ ही मकर संक्रांति और मौनी अमावस्या जैसे प्रमुख स्नान पर्व भी पड़ रहे हैं. इन पर्वों के अवसर पर संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं के एकत्र होने की संभावना है. इस कारण शहर की सड़कों, पुलों और सार्वजनिक स्थानों पर अत्यधिक भीड़ जुटेगी. प्रशासन ने भविष्य में आने वाले यातायात जाम और सुरक्षा के खतरे को देखते हुए छात्रों के लिए यह छुट्टी घोषित की है.
छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस फैसले के पीछे छात्रों की सुरक्षा सबसे बड़ा कारण है. इतनी भारी भीड़ के बीच बच्चों का स्कूल जाना जोखिम भरा हो सकता है. विशेषकर प्राइमरी और जूनियर स्तर के छात्र इस मौसम और भीड़भाड़ वाले माहौल में असहज हो सकते हैं. अभिभावकों से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को घर पर सुरक्षित रखें.
जिलाधिकारी के आदेश पर लिया गया यह बड़ा फैसला
यह निर्णय प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के आदेश पर लिया गया है. जिला विद्यालय निरीक्षक पी. एन. सिंह ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है. आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि 16 जनवरी से 20 जनवरी तक जिले के किसी भी स्कूल को खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. इस आदेश का सख्ती से पालन कराया जाएगा और नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी की जाएगी.
सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी सभी स्कूलों पर लागू रहेगा आदेश
इस निर्णय का दायरा केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है. सभी सहायता प्राप्त और निजी स्कूल भी इस आदेश के अंतर्गत आएंगे. किसी भी स्कूल प्रबंधन को इस समयावधि में स्कूल संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी. प्रशासन इस संबंध में स्थानीय स्तर पर निगरानी बनाए रखेगा ताकि आदेश का पालन सुनिश्चित हो सके.
21 जनवरी से फिर शुरू होंगी कक्षाएं
प्रशासन का कहना है कि 21 जनवरी 2026 से सभी स्कूल दोबारा खुल जाएंगे. मकर संक्रांति (15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (19 जनवरी) के स्नान पर्व के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण सुरक्षा और ट्रैफिक की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है. लेकिन 20 जनवरी के बाद हालात सामान्य हो जाएंगे और शैक्षणिक कार्य फिर से सुचारू रूप से शुरू किया जा सकेगा.
अभिभावकों से विशेष अपील
प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष अपील की है कि वे इस छुट्टी के दौरान बच्चों को बाहर जाने से रोकें और उन्हें घर के भीतर सुरक्षित रखें. चूंकि सर्दी का असर भी अभी कम नहीं हुआ है, ऐसे में छात्रों का स्वास्थ्य भी खतरे में पड़ सकता है. प्रशासन चाहता है कि यह अवकाश बच्चों के लिए आराम और सुरक्षा का अवसर बने.
छात्रों को फायदा
इन छुट्टियों से जहां छात्रों को ठंड और भीड़ से राहत मिलेगी, वहीं वे इस समय का उपयोग घर पर पढ़ाई दोहराने, रिवीजन करने या नए विषय सीखने में कर सकते हैं. स्कूलों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई जारी रखने के विकल्प भी कुछ मामलों में उपलब्ध कराए जा सकते हैं.
शहर की यातायात व्यवस्था को भी मिलेगा संतुलन
श्रद्धालुओं की भीड़ और छात्रों के स्कूली ट्रैफिक के एकसाथ सड़क पर रहने से यातायात पूरी तरह चरमरा सकता था. इस निर्णय से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को भी राहत मिलेगी और प्रशासन भीड़ नियंत्रण व पर्वों के संचालन पर बेहतर ढंग से ध्यान दे सकेगा.






