School Holiday: मकर संक्रांति 2026 के अवसर पर स्कूलों की छुट्टी को लेकर जारी चिंता अब खत्म होता दिख रहा है. विभिन्न राज्य सरकारों ने अब आदेश जारी कर दिए हैं. इस वर्ष सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की दोपहर के बाद हो रहा है, ऐसे में उदया तिथि के अनुसार मुख्य पर्व 15 जनवरी 2026 (गुरुवार) को मनाया जाएगा. इसी के चलते कई राज्यों ने 14 जनवरी के बजाय 15 जनवरी को अवकाश घोषित किया है. इनमें उत्तर प्रदेश, दिल्ली, नोएडा, गुजरात और कई अन्य राज्य शामिल हैं, जहाँ स्कूलों और शिक्षण संस्थानों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है
क्यों 15 जनवरी को मनाई जा रही है मकर संक्रांति 2026?
ज्योतिषीय के अनुसार, इस बार मकर संक्रांति का सूर्य संक्रमण काल 14 जनवरी 2026 की दोपहर 2:44 बजे के बाद होगा. इसका मतलब यह है कि पुण्यकाल, स्नान-दान और मुख्य पूजा अगले दिन यानी 15 जनवरी को होगी. हिंदू धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए पर्व भी 15 जनवरी को मनाया जाएगा.
मकर संक्रांति पर छुट्टी को लेकर राज्यों ने क्या आदेश जारी किए?
राज्यों में छुट्टियों को लेकर आधिकारिक आदेश सामने आ चुके हैं. अधिकांश राज्य सरकारों ने या तो 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है या शीतकालीन अवकाश को उसी दिन तक बढ़ा दिया है.
उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति की छुट्टी कब है?
- उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले 14 जनवरी को घोषित छुट्टी को बदलकर अब 15 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है.
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी निर्देश के अनुसार इस दिन स्कूल, कॉलेज और बैंक सभी बंद रहेंगे, जिससे छात्र और शिक्षक पर्व का आनंद ले सकें.
दिल्ली और NCR में क्या रहेगा स्कूलों का स्टेटस?
- दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में पहले से ही कड़ाके की ठंड और शीतलहर के कारण नर्सरी से लेकर कक्षा 8 तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद रखे गए हैं.
- शीतकालीन अवकाश को बढ़ाकर इस पर्व को भी शामिल कर लिया गया है. इसके तहत बच्चों को लगातार अवकाश मिल रहा है
हरियाणा और पंजाब में छुट्टियों का क्या शेड्यूल है?
- हरियाणा और पंजाब में मकर संक्रांति के साथ-साथ लोहड़ी का भी विशेष महत्व है. इसलिए यहां 13 और 14 जनवरी 2026 को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है.
- हरियाणा में लोहड़ी 13 जनवरी और मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी. पंजाब में लोहड़ी और माघी दोनों के उपलक्ष्य में यह अवकाश जारी किया गया है.
गुजरात में कब है मकर संक्रांति की छुट्टी?
- गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण के रूप में मनाया जाता है. पतंगबाजी और पारंपरिक उत्सवों के लिए यहां 15 जनवरी को अवकाश रहेगा.
- राज्य सरकार ने अधिकांश स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है, ताकि छात्र अपने परिवार के साथ इस पर्व का आनंद ले सकें.
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में कितने दिन का अवकाश?
- दक्षिण भारत के राज्यों, विशेषकर तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भोगी, पोंगल और मकर संक्रांति का उत्सव एक साथ मनाया जाता है.
- इन राज्यों में स्कूलों में 14 और 15 जनवरी को बहु-दिवसीय अवकाश घोषित किया गया है. कई स्कूलों ने 13 से 16 जनवरी तक छुट्टियाँ रखी हैं.
निजी स्कूलों की स्थिति क्या है?
हालांकि अधिकांश प्राइवेट स्कूल राज्य सरकारों के आदेशों का पालन करते हैं, लेकिन कुछ स्कूल अपने शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार छुट्टी घोषित करते हैं.
इसलिए कुछ निजी स्कूलों में 14 जनवरी को भी छुट्टी रखी गई है या 15 जनवरी के साथ जोड़कर अवकाश का विस्तार किया गया है.
ठंड के कारण कहां-कहां स्कूलों की छुट्टियाँ बढ़ीं?
- उत्तर भारत के राज्य, विशेषकर राजस्थान, बिहार और मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के चलते स्कूलों में छुट्टियों को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया है.
- कई जिलों में स्थानीय प्रशासन ने निर्देश जारी किए हैं कि नर्सरी से माध्यमिक स्तर तक के स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहेंगे.
राज्यवार स्कूल छुट्टियों की सूची (15 जनवरी तक)
| राज्य / क्षेत्र | छुट्टी की तारीख | आदेश की स्थिति |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश (UP) | 15 जनवरी | 14 की छुट्टी हटाकर 15 जनवरी को अवकाश |
| दिल्ली और NCR | 15 जनवरी तक | शीतलहर के कारण स्कूल बंद |
| हरियाणा | 13 – 14 जनवरी | लोहड़ी और संक्रांति पर अवकाश |
| पंजाब | 13 – 14 जनवरी | लोहड़ी और माघी पर अवकाश |
| गुजरात | 15 जनवरी | उत्तरायण के लिए सार्वजनिक अवकाश |
| तेलंगाना और आंध्र प्रदेश | 14 – 15 जनवरी | भोगी और संक्रांति पर बहु-दिवसीय अवकाश |
| राजस्थान, बिहार, एमपी | 15 जनवरी तक | शीतलहर के कारण छुट्टी बढ़ाई गई |
क्या स्कूल 16 जनवरी से खुलेंगे?
ज्यादातर राज्यों में 16 जनवरी 2026 से स्कूलों के पुनः खुलने की संभावना है. हालांकि, यदि शीतलहर का प्रभाव बना रहता है, तो स्थानीय प्रशासन छुट्टियों को आगे बढ़ा सकता है. इसलिए छात्रों और अभिभावकों को अपने जिले के आधिकारिक आदेश पर ध्यान देना चाहिए.
मकर संक्रांति से जुड़े अन्य उत्सवों का भी असर
मकर संक्रांति केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि परंपराओं, पौराणिक कथाओं और रीति-रिवाजों से जुड़ा एक बड़ा सांस्कृतिक पर्व भी है. लोहड़ी, पोंगल, उत्तरायण जैसे त्योहार भी इसी समय के आसपास मनाए जाते हैं. इसलिए अलग-अलग राज्यों में छुट्टियों की तारीखें अलग हो सकती हैं, लेकिन सबका उद्देश्य एक ही है – सूर्य के उत्तरायण गमन का स्वागत करना.






