School Holiday Extended भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भीषण ठंड और घने कोहरे की वजह से छात्रों की सर्दियों की छुट्टियां एक बार फिर बढ़ा दी गई हैं. कई राज्यों की सरकारों ने स्कूल बंद करने या टाइमिंग बदलने का फैसला लिया है, ताकि *छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
कोहरे और ठंड ने बिगाड़ी दिनचर्या, स्कूलों पर पड़ा असर
हर साल की तरह इस बार भी जैसे ही सर्दियों की छुट्टियां शुरू हुईं, उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट और घने कोहरे की स्थिति ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया. कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को यात्रा में परेशानी हो रही है. परिवहन व्यवस्था के प्रभावित होने, बच्चों के स्वास्थ्य पर खतरा और ठंडी हवाओं के चलते कई राज्यों ने स्कूलों में छुट्टियों को आगे बढ़ाने का फैसला किया है.
दिल्ली में 15 जनवरी तक सभी स्कूल बंद
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 15 जनवरी 2026 तक सभी सरकारी सहायता प्राप्त, पब्लिक और प्राइवेट स्कूल बंद रखने का आदेश जारी कर दिया गया है. शिक्षा निदेशालय (DoE) और NCT दिल्ली सरकार ने संयुक्त रूप से घोषणा की है कि यह बढ़ी हुई सर्दियों की छुट्टी आधिकारिक एकेडमिक कैलेंडर का हिस्सा है. इसका लाभ नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के छात्रों को मिलेगा, क्योंकि इस उम्र के बच्चे ठंड के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं.
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में बढ़ीं छुट्टियां?
उत्तर प्रदेश में भी ठंड और कोहरे की स्थिति को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियों में बदलाव किया गया है. वाराणसी जिले में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव द्वारा 7 से 9 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. यह आदेश सरकारी, CBSE, ICSE और राज्य बोर्ड से मान्यता प्राप्त सभी स्कूलों के लिए लागू किया गया है. इसमें प्री-प्राइमरी से कक्षा 8वीं तक के छात्र शामिल हैं. हालांकि, स्कूल स्टाफ और शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए उपस्थित रहना होगा. लखनऊ और कानपुर जैसे बड़े शहरों में भी कक्षा 8वीं तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं, लेकिन लखनऊ में स्कूल जल्द खुल सकते हैं. ऐसे में अभिभावकों को स्थानीय आदेशों और अपडेट्स पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है.
पंजाब में स्कूल अब 13 जनवरी तक रहेंगे बंद
- पंजाब सरकार ने भी स्कूलों की छुट्टियों को 13 जनवरी 2026 तक बढ़ाने की घोषणा की है. पहले यहां के स्कूल 7 जनवरी तक बंद थे, लेकिन जैसे ही स्कूल खुलने वाले थे, मौसम की स्थिति को देखते हुए सरकार ने एक बार फिर स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया.
- राज्य सरकार का कहना है कि बहुत ज्यादा ठंड और घना कोहरा छात्रों की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं, इसलिए स्कूल खोलना उचित नहीं होगा.
झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना में भी सतर्कता
- झारखंड, त्रिपुरा और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी ठंड के कारण स्कूलों में छुट्टियों को लेकर नई घोषणाएं सामने आ रही हैं. स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभागों ने मौसम के हालात का विश्लेषण करते हुए छुट्टियों या समय-सारणी में बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
- हालांकि, इन राज्यों की ओर से आधिकारिक तारीखें सार्वजनिक रूप से जारी नहीं की गई हैं, लेकिन संकेत मिल रहे हैं कि छुट्टियां आगे बढ़ सकती हैं या समय में फेरबदल होगा.
कोल्ड वेव गाइडलाइंस भी हुईं लागू
- उत्तरी और पूर्वी भारत के कई राज्यों में कोल्ड वेव (शीतलहर) से निपटने के लिए सख्त गाइडलाइंस लागू कर दी गई हैं. स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि यदि वे खोलते भी हैं, तो बच्चों को पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर आने को कहें और सुबह की असेंबली को स्थगित करें.
- मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आने वाले दिनों में भी उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे छुट्टियों को और बढ़ाने की आवश्यकता पड़ सकती है.
छात्रों और अभिभावकों के लिए क्या है सलाह?
- शिक्षा विभागों और स्वास्थ्य अधिकारियों ने छात्रों व अभिभावकों को सलाह दी है कि वे ठंड के मौसम में विशेष सावधानी बरतें. बच्चों को सुबह जल्दी बाहर न निकलने दें, गर्म कपड़े पहनाएं, और यदि स्कूल खुलते भी हैं, तो स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार ही भेजें.
- स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक ठंड में छोटे बच्चों को सर्दी, खांसी, फ्लू और निमोनिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए सर्दियों में स्कूल बंद करना एक सही और आवश्यक निर्णय है.






